BIOS क्या है ?

BIOS kya hai

BIOS क्या है ?

BIOS क्या है ? – BIOS का फुल फॉर्म  Basic Input/Output System” है, जो किसी कंप्यूटर या डिवाइस के हार्डवेयर को कंट्रोल करने और इंटरफेस प्रदान करने के लिए एक प्राथमिक सॉफ़्टवेयर होता है। BIOS कंप्यूटर की प्रारंभिक बूटिंग (बूट) प्रोसेस के दौरान हार्डवेयर को चालित करने के लिए जिम्मेदार होता है और ऑपरेटिंग सिस्टम को स्थापित करने के बाद भी कुछ हार्डवेयर फ़ंक्शन को संचालित करने में मदद करता है।जब आप अपने कंप्यूटर को स्टार्ट  करते हैं, तो BIOS पहले चालू होता है और फिर ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे कि Windows, macOS, Linux आदि) को लोड करने में मदद करता है।BIOS का मुख्य कार्य कंप्यूटर के हार्डवेयर की जाँच करना, उन्हें आरंभ करना, बूट लोडर को लोड करना, और इन प्रक्रियाओं को कंप्यूटर के माध्यम से प्रारंभ करना होता है।

BIOS कैसे कार्य करता है ?

  1. POST (Power-On Self-Test) :BIOS का पहला कार्य POST होता है, जिसमें सिस्टम के हार्डवेयर के साथ सेल्फ-डायग्नोस्टिक टेस्ट किया जाता है। यह सिस्टम की हार्डवेयर की स्थिति की जाँच करता है और किसी भी प्रोब्लम की सूचना देता है, जिसे यूजर को ठीक करना होता है।
  2. Bootstrap Loader : BIOS बूट स्ट्रैप लोडर (Bootstrap Loader) को मेमोरी में लोड करता है, जिसका मुख्य कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम को मेमोरी में लोड करना है।
  3. Boot Loader : BIOS बूट लोडर को स्थापित करने में मदद करता है, जो ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करने और सक्रिय करने के लिए आवश्यक होता है।
  4. BIOS Setup Utility: BIOS किसी भी विशेष विनिर्दिष्टता को कॉन्फिगर करने के लिए विशेष सेटअप यूटिलिटी प्रदान करता है। इसके माध्यम से आप विभिन्न हार्डवेयर पैरामीटर्स को बदल सकते हैं, जैसे कि बूटिंग की क्रम, समय-तालिका, और अन्य सेटिंग्स।
  5. Firmware Updates : BIOS को समय-समय पर अपडेट किया जाता है ताकि नए हार्डवेयर और सॉफवेयर संगतता और सुरक्षा जांचने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी को समर्थित किया जा सके।
  6. Error Handling : BIOS हार्डवेयर या ओपरेटिंग सिस्टम में कोई त्रुटि देखता है तो यह संदेश प्रदर्शित करता है जिसमें समस्या की पहचान और समस्या को ठीक करने के निर्देश दिए जाते हैं। 

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BIOS के प्रकार 

  1. Legacy BIOS: यह पारंपरिक BIOS है और यह पुराने कंप्यूटरों में प्राचलित था। इसमें BIOS को ROM चिप में स्थानित किया जाता है और यह उपकरणों को इनिशियलाइज़ करने के लिए BIOS परमीशन देता है।
  2. UEFI (Unified Extensible Firmware Interface): UEFI नवाचारी BIOS है और इसे पुराने लीगेसी BIOS के स्थान पर लाया गया है। UEFI बेहद मजबूत है और अधिक सुरक्षित, और फ्लेक्सिबल है। यह कम्प्यूटर को शुरू करने के साथ ही ग्राफिक्स और नेटवर्क ड्राइवर्स जैसी सेवाएँ प्रदान कर सकता है।

BIOS को अपडेट कैसे करे ?

अपडेट करना किसी कंप्यूटर या लैपटॉप की सुरक्षा और सुधार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। BIOS अपडेट करने के प्रक्रिया कुछ इस तरह है :

अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के निर्माता की वेबसाइट पर जा कर वहां से सही BIOS वर्शन ढूंढें जो आपके सिस्टम की जानकारी के आधार पर सही वर्शन को डाउनलोड कर के उसे सुरक्षित जगह पर Save कर के रखें। BIOS अपडेट करने से पहले अपने सिस्टम की प्रमुख जानकारी का बैकअप बना लें ताकि आप की BIOS अपडेट करने के दौरान कुछ समस्या होने से आप की डाटा की कोई नुकसान न हो। BIOS अपडेट की फ़ाइल को डाउनलोड करने के बाद, अपने सिस्टम में इंस्टॉल करें।BIOS अपडेट प्रक्रिया के दौरान सिस्टम को बार-बार बार-बार बंद न करें, क्योंकि यह आपके सिस्टम को ब्रिक कर सकता है। अपडेट पूर्ण होने के बाद, सिस्टम को रीस्टार्ट करें।और सिस्टम की जाँच करें और सुनिश्चित करें कि सभी चीज़ सही तरीके से काम कर रही हैं या नहीं।

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